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मेरे पिता

मेरे पिता अक्सर रातों को जागा करते थे
वे कुछ देर चहलकदमी करते, एक सिगरेट पीते
 कुछ देर बैठते और फिर इसी क्रम को दोहराते 
इस क्रम में वे लगातार कुछ सोचते रहते
 आज मैं पूरी रात जागी हूं 
मैंने पूरी रात कुछ सोचा है 
मैं अक्सर रातों को जागना नहीं चाहती
 शायद वे भी नहीं चाहते होंगे 
उनके माथे की लकीरें, चेहरे की बनावट 
कुछ बनती बिगड़ती रहती
वे शायद कुछ सिगरेट के धुएं में उड़ाना चाहते थे
पर शायद कुछ उनके हाथ नहीं था 
आज मेरे भी कुछ हाथ नहीं है
 मैं भी पूरी रात सोई नहीं हूं
                                                                                     -रेणु कुंडु
                                                                                 RENU KUNDU

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वे भ्रम में थे

आज तक जितनी जंग हुई हैं वे कभी नहीं लड़ी गई दूसरों से चाहे किस्सा विश्वयुद्ध का हो  या हो महाभारत से  जो भी लड़ा वह भ्रम में था कि  हासिल कुछ भौतिक होगा दुनिया देखेगी जब वह  धन, यश, प्रतिष्ठा से शोभित होगा  उसके आदेश माने जाएंगे  वह सर्वशक्तिशाली होगा  भ्रम में थे सब  भ्रम में थे और लड़ रहे थे  लड़ रहे थे केवल अपना विश्वास सत्यापित करने को  अपना मूल्य स्थापित करने को  वे लड़ रहे थे अपने विश्वास पर विश्वास करने को  वे लड़ रहे थे केवल खुद से जितने के लिए  उन्होंने कभी कुछ भौतिक हासिल किया ही नहीं .....                                                                                              -रेणु कुंडु                           ...

इश्क़ करना चाहते हो तो

इश्क़ तुमसे जो मांगे दे देना  अगर इश्क़ करना चाहते हो तो  इश्क़ पकाने में लगती है मेहनत  पसीना कर देता है तुम्हें तरबतर  जलते रहना इश्क करने की शर्त  होती है  तो जलते रहना अगर इश्क़ करना चाहते हो तो  जुनून की हद को पार करके इश्क़ करना  बार-बार मर जाना होता है इश्क़ करना  तो मरते रहना इश्क़ करना चाहते हो तो  इश्क़ में तुम तुम नहीं रह जाते  इश्क़ में  बस बचता है खुदा  तुम खुदा हो जाना  तुम इश्क़ हो जाना  कतरा-कतरा खून का इश्क़ में तब्दील कर देना  अगर इश्क़ करना चाहते हो तो  लड़ जाना, मर जाना खुद को खत्म करने के लिए  अगर इश्क़ करना चाहते हो तो  फिर जब आखरी सांस भी उड़ जाएगी कहीं हवा में  और सदियों से जलती चिता जब ठंडी हो जाएगी  उस राख में महकोगे तुम  तुम खुदा बन जाओगे, तुम इश्क़ बन जाओगे  फिर वो राख बड़े गुमान से हवा के हर कतरे में उड़ेगी और कहेगी  इश्क़ किया था मैंने हाँ इश्क़ किया था मैंने ।                            ...